महाकाल मंदिर में आज मनाया जा रहा दशहरा, पालकी में सवार होकर शमी पूजन करने जाएंगे भोलेनाथ

महाकाल मंदिर में आज मनाया जा रहा दशहरा, पालकी में सवार होकर शमी पूजन करने जाएंगे भोलेनाथ

महाकाल शमी  पूजा : पौराणिक मान्यता व राजवंश की परंपरा में विजय दशमी पर सर्वत्रविजय की कामना से नगर सीमान्लंघन कर शमी वृक्ष का पूजन करते थे। भगवान महाकाल उज्जैन के राजा हैं इसलिए दशहरे पर वे भी शमी वृक्ष का पूजन करने नए शहर फ्रीगंज स्थित दशहरा मैदान जाते हैं। सवारी को सीमान्लंघन सवारी कहा जाता है। महाकाल मंदिर में यह परंपरा इस बार आज मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार विजय दशमी पर उज्जैन में सोमवार को…

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शनिवार भस्म आरती दर्शन:भांग, चंदन, सूखे मेवे से राजा स्वरूप दिव्य श्रृंगार

शनिवार भस्म आरती दर्शन:भांग, चंदन, सूखे मेवे से राजा स्वरूप दिव्य श्रृंगार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का जल से अभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया। रजत के आभूषणों और भांग, चंदन, सूखे मेवे से राजा स्वरूप दिव्य श्रृंगार किया गया।

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पुलिस का दीक्षांत समारोह, नव आरक्षकों को दिलाई ईमानदारी से कर्तव्य निभाने की शपथ

पुलिस का दीक्षांत समारोह, नव आरक्षकों को दिलाई ईमानदारी से कर्तव्य निभाने की शपथ

सार चतुर्थ नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। जिला पुलिस बल के कुल 528 पुरुष नव आरक्षकों को शपथ दिलाई गई। विस्तार उज्जैन की पुलिस प्रशिक्षण शाला में चतुर्थ नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इसमें जिला पुलिस बल के कुल 528 पुरुष नव आरक्षकों ने दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन जोन उज्जैन संतोष कुमार सिंह को परेड की सलामी दी गई। बता दें…

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महाकाल का हाईटेक अन्नक्षेत्र अब तक शुरू नहीं हो पाया

महाकाल का हाईटेक अन्नक्षेत्र अब तक शुरू नहीं हो पाया

जब तक अन्नक्षेत्र की शुरुआत नहीं होती कर्मचारियों ने पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार भट्टी तपेलों में भोजन बनाना शुरु कर दिया है। महाकाल मंदिर समिति द्वारा त्रिवेणी संग्रहालय के सामने बनाया गया अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हाईटेक अन्नक्षेत्र अब तक शुरू नहीं हो पाया है। 5 अक्टूबर को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इसका शुभारंभ किया था। मंदिर के कर्मचारी अपने स्तर पर मैन्यूल भोजन तैयार कर प्रतिदिन करीब 800 भक्तों को प्रसादी ग्रहण करा रहे…

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शुक्रवार भस्म आरती दर्शन:भगवान महाकाल को चंद्र और भांग अर्पित कर त्रिनेत्र रूपी श्रृंगार

शुक्रवार भस्म आरती दर्शन:भगवान महाकाल को चंद्र और भांग अर्पित कर त्रिनेत्र रूपी श्रृंगार

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के भस्म आरती के दौरान तीन बजे मंदिर के कपाट खोले गए। जल से भगवान महाकाल का अभिषेक करने के पश्चात दूध,दही,घी,शक़्कर शहद फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। भगवान महाकाल का त्रिनेत्र चंद्र और भांग अर्पित कर श्रृंगार किया गया।

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उज्जैन में बजरंगियों की दबंगई: होटल में फिल्मी गानों पर गरबा रोका, कहा- फूहड़ गानों पर आराधना बर्दाश्त नहीं

उज्जैन में बजरंगियों की दबंगई: होटल में फिल्मी गानों पर गरबा रोका, कहा- फूहड़ गानों पर आराधना बर्दाश्त नहीं

सार Ujjain: नवरात्रि की शुरुआत के पहले ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शहर के सभी थानों पर ज्ञापन देकर पुलिस प्रशासन से निवेदन किया है। उनका कहना है कि गरबा आयोजकों को अनुमति देने के पहले यह समझाइश दें कि गरबा पंडालों में सिर्फ सनातनियों को प्रवेश मिले। विस्तार उज्जैन में माता की आराधना के पर्व नवरात्रि की शुरुआत के पहले ही बजरंग दल ने पुलिस को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में…

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विजयादशमी की तैयारी: पर्व की तारीख और रावण दहन को लेकर असमंजस…

विजयादशमी की तैयारी: पर्व की तारीख और रावण दहन को लेकर असमंजस…

उज्जैन:तिथि के प्रारंभ और समापन काल को लेकर विजयादशमी की तारीख, रावण दहन को लेकर लोगों में असमंजस है। पंचाग और कैलेंडर के अनुसार दशहरा 24 अक्टूबर को आ रहा है। वहीं दशमी तिथि २३ अक्टूबर दोपहर को लग रही है। दशहरा यानी विजयादशमी के पर्व का विशेष महत्व होता है। पूरे भारत में इस पर्व को बड़े ही धूम धाम से मनाया जाता है। इस पर्व को बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप…

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नई सरकार पर होगी महाकुंभ ‘सिंहस्थ’ कराने की जिम्मेदारी

नई सरकार पर होगी महाकुंभ ‘सिंहस्थ’ कराने की जिम्मेदारी

Ujjain News: देश का सबसे बड़ा ‘स्नान पर्व’ सिंहस्थ हर 12 वर्ष बाद उज्जैन में अमृत तुल्य मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर लगता है।  मध्य प्रदेश में इस चुनावी समर के बाद नई सरकार किसी भी राजनीतिक दल की बने, उसकी प्राथमिकता वर्ष 2028 में धर्मनगरी उज्जैन में लगने वाले महाकुंभ सिंहस्थ को सुख-शांति से निर्विघ्न कराने की होगी। सबसे बड़ी चुनौती मोक्षदायिनी शिप्रा नदी का उद्धार करने की होगी। इस बात का समर्थन…

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राजा विक्रमादित्य को भूखी माता ने दिया था एक वचन, शिप्रा के पार रहकर आज भी कर रहीं पालन

राजा विक्रमादित्य को भूखी माता ने दिया था एक वचन, शिप्रा के पार रहकर आज भी कर रहीं पालन

सार धार्मिक नगरी उज्जैन में देवी मां के कई प्राचीन मंदिर हैं। ऐसा ही एक मंदिर ही भूखी माता का। कहा जाता है कि भूखी माता ने राजा विक्रमादित्य को एक वचन दिया था, जिसे वे आज तक निभा रही हैं। विस्तार मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में शिप्रा नदी के किनारे भूखी माता का प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में दो देवियां विराजमान हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दोनों बहने हैं। इनमें से एक…

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महाकाल के निराले भक्त, उड़ीसा के श्रद्धालु ने चांदी का कलश तो वाराणसी के भक्त ने अर्पित किया मुकुट

महाकाल के निराले भक्त, उड़ीसा के श्रद्धालु ने चांदी का कलश तो वाराणसी के भक्त ने अर्पित किया मुकुट

सार बाबा महाकाल के भक्त हर दिन बाबा को कुछ न कुछ भेंट करते हैं। बुधवार को उड़ीसा के एक श्रद्धालु ने चांदी का कलश तो वाराणसी के भक्त ने मुकुट अर्पित किया। विस्तार विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के दरबार में आये दिन लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। यहां कण-कण में शिव का वास है। प्रतिदिन यहां पर श्रद्धालु आते हैं और बाबा महाकाल को दान भी अर्पित करते हैं। उड़ीसा निवासी सुमित…

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