- उज्जैन में त्योहारों से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च, टावर चौक से नीलगंगा तक निकला मार्च; होली, रंगपंचमी और रमजान के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
- महाकाल में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: पंचामृत अभिषेक, रजत मुकुट-त्रिपुण्ड से दिव्य श्रृंगार; “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंजा मंदिर
- उज्जैन में मंदिर क्षेत्र के पास युवक से मारपीट: युवती के साथ होटल जा रहा था, बजरंग दल ने रोका; मोबाइल में अश्लील फोटो-वीडियो होने का आरोप, पुलिस ने जब्त किया फोन
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट: रजत मुकुट, त्रिपुण्ड और पुष्पमालाओं से सजे बाबा, “जय श्री महाकाल” से गूंजा परिसर
- एमपी बजट 2026-27: सिंहस्थ के लिए 13,851 करोड़ का प्रस्ताव, उज्जैन में 3,060 करोड़ के नए विकास कार्य; 4.38 लाख करोड़ के कुल बजट में सिंहस्थ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस
मूर्ति बनाने वाले कलाकारों का दावा:पीओपी मिलाए बगैर नहीं बन सकतीं मिट्टी की मूर्तियां
शीतल कुमार अक्षय. उज्जैन:जिला प्रशासन द्वारा भले ही पीओपी से गणेश मूर्तियां बनाने और बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया हो, लेकिन विगत पच्चीस वर्षों से अधिक छोटी मूर्तियों को बनाने वाले कलाकारों का यह दावा है कि चाहे मिट्टी की ही मूर्ति क्यों न बनाई जाए, लेकिन जब तक इसमें कुछ अंश पीओपी नहीं मिलाया जाए, तब तक मिट्टी की मूर्ति सांचे में ढल ही नहीं सकती। हालांकि यह बात अलग है…
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