- महाशिवरात्रि पर महाकाल को अर्पित हुआ पुष्प सेहरा, दोपहर में हुई विशेष भस्म आरती; चार प्रहर पूजन के बाद हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में विक्रमोत्सव 2026 की शुरुआत: महाशिवरात्रि से 19 मार्च तक चलेगा सांस्कृतिक महापर्व, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया उद्घाटन; ‘शिवोह्म’ संगीत संध्या से सजी पहली शाम
- पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय: 18–19 फरवरी को ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश के संकेत। कई जिलों में अलर्ट जारी; भोपाल-इंदौर में बादल छाने की संभावना, फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मौसम
- भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले उज्जैन में विशेष अनुष्ठान: अंगारेश्वर मंदिर में टीम इंडिया की जीत की प्रार्थना, शाम 7 बजे कोलंबो में हाई-वोल्टेज टक्कर; श्रीलंकाई पिच और मौसम पर सबकी नजर
- महाशिवरात्रि पर उज्जैन उमड़ा आस्था का सैलाब: अब तक 2.20 लाख श्रद्धालु पहुंचे, आज 10 लाख का अनुमान
ज्योतिष महासम्मेलन : देश का पंचांग एक हो ताकि पर्व, व्रत के संशय दूर हों
उज्जैन | ज्योतिष महासम्मेलन के दूसरे दिन व्रत-पर्व को लेकर मतभिन्नता और संशयों पर मंथन हुआ। कई विद्वानों ने राय दी कि उज्जैन को कालगणना का केंद्र मानकर पूरे देश का एक पंचांग बनना चाहिए। इससे संशय दूर हो सकेंगे, मगर कुछ ज्योतिषाचार्य इस पर एकमत नहीं दिखे। कई ज्योतिषियों ने कहा कि व्रत-त्योहार पर सरकारी छुट्टियां घोषित होने से पहले ज्योतिषियों की राय ली जानी चाहिए। सम्मेलन में विक्रम संवत् का प्रचार-प्रसार करने जैसे…
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