- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
महाशिवरात्रि पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में लड्डू प्रसाद की ऐतिहासिक बिक्री, बना नया रिकॉर्ड; दोपहर 2 बजे तक 25 लाख 63 हजार 250 रुपये का प्रसाद बिक गया
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
“हर-हर महादेव!” के गगनभेदी जयघोष के बीच महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धा और आस्था की अनूठी छटा देखने को मिली। महाशिवरात्रि पर इस बार श्रद्धालुओं की संख्या का आंकड़ा 4.52 लाख रहा, जिससे मंदिर परिसर का पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। लेकिन इससे भी खास बात यह रही कि इस बार महाकालेश्वर मंदिर के प्रसिद्ध बेसन लड्डू प्रसाद की बिक्री ने इस महाशिवरात्रि पर नया रिकॉर्ड बनाया।
जी हाँ, 25 फरवरी की रात 10 बजे से 27 फरवरी दोपहर 2 बजे तक, मंदिर समिति द्वारा स्थापित 8 प्रसाद काउंटरों पर 25 लाख 63 हजार 250 रुपये की लड्डू प्रसाद बिक्री हुई। श्रद्धालु महाकाल के आशीर्वाद रूपी प्रसाद को अपने साथ ले जाते दिखे।
बता दें, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नृसिंह घाट क्षेत्र में 8 प्रसाद काउंटर लगाए गए, जो 25 फरवरी की रात 10 बजे से 27 फरवरी दोपहर 2 बजे तक खुले रहे। इस दौरान 25 लाख 63 हजार 250 रुपये का लड्डू प्रसाद बिका। श्रद्धालु महाकाल की कृपा स्वरूप इस प्रसाद को अपने घर ले जाने के लिए उमड़ पड़े। मंदिर प्रबंध समिति ने पहले से ही चिंतामण गणेश मंदिर के सामने स्थित लड्डू प्रसाद निर्माण यूनिट को पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए थे, ताकि किसी भी श्रद्धालु को प्रसाद से वंचित न रहना पड़े।
वैसे तो प्रबंध समिति ने इस बार करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के आगमन की उम्मीद जताई थी, हालांकि संख्या अपेक्षा से कम रही। बावजूद इसके, भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई और मंदिर प्रांगण महादेव के जयकारों से गुंजायमान रहा।