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उज्जैन की महिला 40 घंटे तक रही ‘डिजिटल अरेस्ट’ में, गहने गिरवी रखकर गंवाए 5 लाख; तीन आरोपी गिरफ्तार!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
साइबर फ्रॉड का एक चौंकाने वाला मामला उज्जैन से सामने आया है, जहां बसंत विहार कॉलोनी में रहने वाली 50 वर्षीय महिला लगातार 40 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में फंसी रही। इस दौरान महिला को ठगों ने इतना डराया कि उसने अपने गहने तक गिरवी रख दिए और करीब 5 लाख 9 हजार रुपये उन्हें सौंप दिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से 2.89 लाख रुपये बरामद किए हैं।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला सरोज माली, जिनके पति रिटायर्ड फौजी रह चुके थे और अब उनका निधन हो चुका है, 12 अगस्त को अपनी बहन से मिलने नागदा गई थीं। उसी दिन उन्हें एक महिला का फोन आया, जिसने खुद को बिरला ग्राम थाने की पुलिसकर्मी बताया। कॉलर ने सरोज पर आरोप लगाया कि उनके घर में कछुए और मछली पालने पर FIR दर्ज की गई है।
कॉलर ने सरोज को साफ चेतावनी दी कि वह किसी से संपर्क न करें और फोन पर लगातार उपलब्ध रहें। यहीं से शुरू हुआ महिला का ‘डिजिटल अरेस्ट’, जो लगभग 40 घंटे तक चला।
इसके बाद एक युवक ने सरोज को फोन कर खुद को उसी अपराध का आरोपी बताया और कहा कि उसे भी गिरफ्तार किया गया था। इस चाल ने सरोज का डर और बढ़ा दिया। ठगों ने महिला को बार-बार क्राइम ब्रांच और पुलिस के नाम पर धमकाया। डरी हुई महिला ने अपने गहने गिरवी रखकर लगभग 5 लाख रुपये का इंतजाम किया और 14 अगस्त को ठगों को पैसे सौंप दिए।
15 अगस्त को जब सरोज को शक हुआ, तो उन्होंने बिरला ग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।
मुख्य आरोपी की पहचान राजेश उर्फ राज (ग्राम गुणावद) के रूप में हुई, जिसने खुद को क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बताकर महिला को धमकाया था। वहीं दूसरी आरोपी युक्ति बैरागी (निवासी रतलाम) है, जो पहले इंदौर की एक फाइनेंस कंपनी में काम करती थी लेकिन नौकरी छूटने के बाद ठगी के धंधे में उतर गई। पुलिस ने एक अन्य सहयोगी को भी स्टेशन क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि सरोज अकेले उज्जैन में रहती हैं। पति के निधन के बाद उनके बच्चे बाहर नौकरी करते हैं। इस अकेलेपन और डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। युक्ति बैरागी ने सरोज को कॉल करने के लिए यह जानकारी इस्तेमाल की कि उनके बेटे ने घर में मछली और कछुए पाल रखे हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह जानकारी आरोपियों तक संयोग से पहुंची या किसी ने जानबूझकर साझा की थी।
एसपी प्रदीप शर्मा का बयान
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि इसमें महिला को मानसिक रूप से कैद कर लिया गया था। उन्होंने कहा— “महिला को घर में कछुए और मछली पालने की जानकारी किसी को रही होगी। संभव है कि इसी बात का फायदा उठाकर तीनों आरोपियों ने ठगी की योजना बनाई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों को सूचना किसी अंदरूनी स्रोत से तो नहीं मिली।”