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कैलाश विजयवर्गीय बीजेपी अध्यक्ष की दौड़ में
उज्जैन। इंदौरी बीजेपी नेता और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी प्रमुख रुप से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल है।हालांकि अंतिम फैसला अमित शाह और नरेन्द्र मोदी को ही करना है बावजूद इसके कैलाश और उनके खास कार्यकर्ताओं को इस बात की उम्मीद जरूर है कि उन्हें पश्चिम बंगाल में मिली सफलता का तोहफा अध्यक्ष पद के रूप में अवश्य ही मिलेगा।
कैलाश विजयवर्गीय वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। इंदौर में भारतीय जनता पार्टी से अपना राजनितिक कैरियर प्रारंभ कर वे इंदौर नगर के महापौर बने। बिना कोई चुनाव हारे वे लगातार छ: बार विधानसभा के सदस्य चुने गए और वर्तमान में महू से विधायक हैं। पार्टी में केन्द्रीय नेतृत्व के लिए पदोन्नत होने से पहले वे बारह वर्ष तक राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे ।
वर्ष 2014 में हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए विजयवर्गीय बीजेपी के चुनाव प्रभारी नियुक्त हुए थे, उसके बाद ही विधानसभा चुनाव में वहां बीजेपी स्पष्ट बहुमत में आई इस जीत से तय लग रहा था कि निकट भविष्य में केन्द्रीय स्तर पर उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है और जून 2015 में यह सच सिद्ध हो गया जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया हरियाणा में उनके चमकीले प्रदर्शन के बाद जैसी उम्मीद थी ,पश्चिम बंगाल में वे पार्टी के नए प्रभारी बनाये गए और 18 सीटें जितने ने सफल रहे।
मौजूदा अध्यक्ष अमित शाह लोकसभा चुनाव जीतकर मोदी सरकार में केन्द्रीय गृह मंत्री बनाए गए है और उनकी जगह अब नये अध्यक्ष की तलाश की जा रही है। अध्यक्ष की दौड़ में श्री विजयवर्गीय के अलावा पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं संसदीय बोर्ड के सचिव जेपी नड्डा, भूपेन्द्र यादव भी शामिल है। जिस तरह से कैलाश विजयवर्गीय ने लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के किले को ध्वस्त किया है उससे उनका कद अवश्य ही बीजेपी में बढ़ गया है वहीं उन्हें व उनके खास सिपहसलारों को भी उम्मीद बंधी हुई है कि कैलाश को अध्यक्ष पद से नवाजा जाकर पश्चिम बंगाल में मिली सफलता का तोहफा दिया जायेगा।