- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: भांग-चंदन और सिंदूर से सजा बाबा का दिव्य रूप, मोगरा-गुलाब के पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार
- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
- महाकाल मंदिर में टीवी अभिनेत्री कनिका मान ने किए दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल
- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
मान्यता शिवनवरात्र में चढ़ाया चंदन उबटन लगाने से शीघ्र विवाह
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शिव नवरात्र मनाया जा रहा है। भगवान को रोज चंदन व जलाधारी पर हल्दी का लेपन कर स्नान कराया जाता है। शिवलिंग पर चढ़े चंदन-हल्दी को लेने के लिए कई श्रद्धालु की डिमांड है। वे पुजारियों से यह उबटन पाने के लिए रोज संपर्क कर रहे हैं।
कई श्रद्धालु भगवान को चढ़ाने के लिए चंदन व हल्दी लेकर भी आ रहे हैं और भगवान को अर्पित कर ले जा रहे हैं। देश में केवल महाकालेश्वर मंदिर में ही शिव नवरात्र मनाने की परंपरा है। यहां नौ दिन तक भगवान का दूल्हे के रूप में शृंगार होता है। भगवान को रोज चंदन का उबटन और जलाधारी को हल्दी चढ़ाकर स्नान कराया जाता है। मान्यता है कि भगवान को चढ़े चंदन-हल्दी के उबटन को लगाने से विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त होती है।
इन दिनों मंदिर में उन अविवाहित युवक-युवतियों से परिजन भगवान को चढ़ा यह उबटन पाने के लिए पुजारियों से संपर्क कर रहे हैं। ऐसे भी लोग हैं जो स्वयं चंदन और हल्दी लेकर आ रहे हैं और भगवान को अर्पित कर घर ले जा रहे हैं। महाशिवरात्रि के दूसरे दिन भगवान को सप्त धान्य के साथ फूलों और फलों का सेहरा भी चढ़ाया जाता है। इस सेहरे के फूल भी लेने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ रहती है। सेहरे का अंश लेने के पीछे भी यही मान्यता है कि इन्हें घर में रखने से बच्चों के विवाह में कोई रुकावट नहीं आती।
महाकालेश्वर मंदिर में मनाए जा रहे शिव नवरात्र में रविवार को भगवान का राजा के स्वरूप में शृंगार किया गया।
शास्त्रों में शिवलिंग पर हल्दी चढ़ाने का कोई उल्लेख नहीं
मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य आशीष पुजारी का कहना है कि यह लोक मान्यता है कि भगवान पर चढ़े चंदन-हल्दी को लगाने से शादी में आ रही रुकावट दूर होती है। यह आस्था का मामला है। ऐसी कोई शास्त्रीय मान्यता नहीं है। हकीकत यह है कि शास्त्रों में स्पष्ट निर्देश हैं कि शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ाई जाती। महाकालेश्वर के शिवलिंग पर भी चंदन चढ़ाया जाता है। हल्दी केवल जलाधारी पर लगाई जाती है। लोक मान्यता के चलते श्रद्धालु हल्दी आदि लेकर आते हैं। इसके अलावा भगवान पर चढ़े अक्षत भी ले जाते हैं।
शिवरात्रि की दर्शन व्यवस्था की मॉक ड्रिल होगी
महाशिवरात्रि की व्यवस्था के लिए मजिस्ट्रेट एवं अन्य जिला अधिकारियों तथा सहायक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। रविवार को महाकाल प्रवचन धाम में इन्हें व्यवस्था की जानकारी दी गई। एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी एवं एएसपी अमरेंद्र सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि व्यवस्था की मॉकड्रील भी की जाएगी जिसमें सभी को उनकी जिम्मेदारी बताएंगे।