- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
श्राद्ध केवल तीर्थस्थलों पर ही मान्य: उज्जैन के पंडित अमर डब्बावाला का बड़ा बयान, बोले – ऑनलाइन श्राद्ध से वांछित फल नहीं मिलता!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया: श्राद्ध पक्ष (7 सितंबर से 21 सितंबर) के चलते देशभर में पितृ तर्पण और पिंडदान की परंपरा निभाई जा रही है। इसी बीच उज्जैन में ऑनलाइन श्राद्ध और तर्पण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहर के प्रसिद्ध पंडित अमर डब्बावाला ने साफ कहा है कि ऑनलाइन श्राद्ध से वांछित फल नहीं मिलता। पंडित अमर डब्बावाला का बयान: उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मग्रंथों में श्राद्ध-विधि का उल्लेख बहुत साफ…
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