- बंगाल के रुझानों का असर उज्जैन तक: भाजपा की बढ़त पर बंगाली कॉलोनी में उत्सव, ढोल-नगाड़ों के साथ मना जश्न
- सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: उजरखेड़ा-मोहनपुरा रोड पर हाईटेक मशीन से बन रही सीसी सड़क, कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, राजा स्वरूप में दिए दर्शन
- 40° के पार तापमान, फिर भी नहीं थमी आस्था: महाकाल में रोज 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु; पहली बार महाकाल लोक में शुरू हुआ फोगिंग सिस्टम
- उज्जैन की 5 माह की बच्ची SMA-1 से जूझ रही: 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए जंग, सोनू सूद ने बढ़ाया हाथ; भोपाल एम्स में चल रहा इलाज
मीसाबंदी, मैकेनिकल इंजीनियर और विनोबा भावे के साथी को इंदौर प्रशासन ने समझा भिक्षुक, उज्जैन के सेवाधाम आश्रम में एक माह बिताने के बाद सम्मान सहित परिजनों के पास लौटे 72 वर्षीय देवव्रत चौधरी!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया: इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के अभियान के तहत हुई एक चौंकाने वाली भूल ने पूरे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 15 अप्रैल को इंदौर नगर निगम की टीम ने लक्ष्मी मंदिर, राजबाड़ा क्षेत्र से एक 72 वर्षीय वृद्ध को भिक्षावृति करते हुए उठाया और अन्य लोगों के साथ उज्जैन के सेवाधाम आश्रम भेज दिया। लेकिन जब इस वृद्ध की पहचान सामने आई, तो सभी हैरान रह…
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