- उज्जैन में गूंजेगा “नववर्ष का शंखनाद”, गुड़ी पड़वा पर महाकाल मंदिर में लहराएगा ब्रह्मध्वज
- उज्जैन में भूतड़ी अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब, शिप्रा और 52 कुंड पर दिनभर रही भीड़
- चैत्र नवरात्रि इस बार खास: पंचक और ग्रहों के अनोखे संयोग से बढ़ेगा फल, ज्योतिषाचार्यों ने बताया खास महत्व
- तड़के सजा महाकाल दरबार: भस्म आरती में उमड़े श्रद्धालु, गूंजी जयकार
- उज्जैन के छात्र की कनाडा में मौत: CM मोहन यादव परिवार से मिले, अंतिम संस्कार तक हर मदद का भरोसा
30/84 श्री च्यवनेश्वर महादेव
30/84 श्री च्यवनेश्वर महादेव : त्रिशत्तमं विजानीही तवं देवि च्यवनेश्वरम्। यस्य दर्शन मात्रेण स्वर्गभ्रंशो न जायते। । पौराणिक आधार एवं महत्व : पौराणिक कथाओं के अनुसार प्राचीन कल में महर्षि भृगु के पुत्र च्यवन थे जिन्होंने पृथ्वी पर कठोर तप किया। वितस्ता नाम की नदी के किनारे वर्षों वे तपस्या में बैठे रहे। तपस्या में लीन रहने के कारण उनके पुरे शरीर को धूल मिट्टी ने ढक लिया और आस पास बैल लग गई। एक समय राजा…
और पढ़े..









