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सुपर फास्ट सरकार:30 सितंबर की डेडलाइन थी, रात को फाइनेंस की राय मिली; आधी रात एजेंडा पहुंचा और अगले दिन मिली कैबिनेट की मंजूरी
महाकाल की नगरी उज्जैन में दो दिन पहले हुई कैबिनेट की बैठक में यदि 17 हजार 972 करोड़ की समूह जल वितरण योजनाओं को मंजूरी नहीं मिलती तो ये सभी अटक जातीं। हुआ कुछ ऐसा कि 26 सितंबर की रात पीएचई के अफसरों ने सरकार को बताया कि यदि हमने 30 सितंबर से पहले सामूहिक जल वितरण के प्रोजेक्ट मंजूर नहीं किए तो केंद्र 9000 करोड़ ग्रांट रोक देगा और हमारे हाथ से 17972 करोड़…
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