- उज्जैन में सिंहस्थ कार्यों का ग्राउंड रिव्यू: संत बोले- व्यवस्था विश्वस्तरीय होनी चाहिए, अधिकारियों संग किया निरीक्षण
- Ujjain Mahakal Bhasma Aarti: रजत मुकुट में सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती में पहुंचे सितारे: सुनील जोशी, किंजल दवे, मोनल गज्जर और उल्का गुप्ता ने किए दर्शन, जल अर्पित कर लिया आशीर्वाद!
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती का दिव्य नजारा: पंचामृत अभिषेक के बाद रजत श्रृंगार, गूंजा ‘जय श्री महाकाल’
- महाकाल को 70 लाख के चांदी के आभूषण दान: गुजरात के श्रद्धालु ने 29 किलो रजत श्रृंगार अर्पित किया; दान में पगड़ी, मुकुट, मुण्डमाला समेत कई रजत सामग्री शामिल
50/84 श्री स्थावरेश्वर महादेव
50/84 श्री स्थावरेश्वर महादेव विश्वकर्मा की संज्ञा नामक पुत्री सूर्य की पत्नी थी। सूर्य का तेज न सह पाने के कारण उसने अपने समान एक अन्य स्त्री को उत्पन्न किया ओर उसे आज्ञा दी की तुम सुर्य की सेवा करना ओर उन्हे मेरा पता कभी मत बताना। सूर्य ने उस स्त्री को अपनी पत्नी संज्ञा माना ओर उससे एक पुत्र हुआ, जिसका नाम शनैश्चर हुआ। शनैश्चर के प्रभाव से सभी भयभीत हो गए। इंद्र ब्रम्हदेव…
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