- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार: उज्जैन में घाटों पर उतरी प्रशासनिक टीम, भीड़ प्रबंधन पर सबसे ज्यादा जोर
- सिंहस्थ से पहले उज्जैन में दिखने लगा कुंभ जैसा आध्यात्मिक वातावरण, पंच धूनी तप में लीन हुए टाटम्बरी सरकार; धधकते कंडों के बीच कर रहे तप
- उज्जैन संभाग बन रहा देश का नया फूड प्रोसेसिंग पावरहाउस, 7300 करोड़ से ज्यादा निवेश से बदली औद्योगिक तस्वीर
- महाकाल मंदिर में भोर की भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद ड्रायफ्रूट और भांग-चंदन से हुआ बाबा का दिव्य श्रृंगार
- महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत: दर्शन मार्गों पर बन रहा हीट प्रूफ पाथ-वे, तपती जमीन से मिलेगी सुरक्षा
सांदीपनि आश्रम: श्रीकृष्ण के दरबार में उड़ा भक्ति का गुलाल
Ujjain News: सांदीपनि आश्रम के समीप स्थित ठाकुरजी की हवेली में फाग उत्सव मनाया गया। इस मौके पर उपस्थित भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के संग गुलाल और फूलों से होली खेली।
उज्जैन. सांदीपनि आश्रम के समीप स्थित ठाकुरजी की हवेली में फाग उत्सव मनाया गया। इस मौके पर उपस्थित भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के संग गुलाल और फूलों से होली खेली। बड़ी संख्या में यहां श्रद्धालुजन मौजूद थे। मधुर भजनों की धुन पर भक्तों ने नृत्य किया और ठाकुरजी के साथ भक्ति के रंग में रंग गए। सांदीपनि आश्रम के समीप ठाकुरजी की हवेली में रविवार को रंग-गुलाल के साथ फूलों की होली का आयोजन किया गया। इसमें शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालुजन शामिल हुए। भगवान कृष्ण के मधुर गीतों की झड़ी के साथ भक्तों पर गुलाल और फूल बरसाए तो उनके उत्साह की सीमा न रही।
वैष्णव मंदिरों में मनाया जा रहा फाग उत्सव
शहर के वैष्णव मंदिरों में इन दिनों फाग महोत्सव मनाया जा रहा है। भक्तों पर भी होली का रंग चढ़ गया है। महाप्रभुजी की बैठक में जमकर गुलाल और फूलों से होली मनाई गई। दोपहर में हुए इस आयोजन में उज्जैन, इंदौर व आसपास के वैष्णवों ने आकर भगवान श्रीकृष्ण के साथ होली खेली।
मंच से बरसाए फूल और गुलाल
मंदिर के पीछे स्थित उद्यान में मंच बनाकर भजनों की प्रस्तुतियों के बीच उपस्थित श्रद्धालुओं पर जमकर गुलाल और पुष्प की वर्षा की गई तो भक्तजन भी उठकर नाचने लगे। ट्रस्टी विजय गुप्ता के अनुसार सूखी होली में पांच रंग के गुलाल का उपयोग किया गया। इस होली में गीले रंगों की उपयोग नहीं किया जाता।
6 मार्च को मनाएंगे रंगभरी ग्यारस
गुप्ता के अनुसार 6 मार्च को महाप्रभुजी की बैठक में रंगभरी ग्यारस का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन से गीले रंगों से होली खेलने की शुरुआत होगी। यह आयोजन भी बगीचे में ही होगा। 10 मार्च को धुलैंडी के मौके पर भगवान का हिंडोला भी सजाया जाएगा।