- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
गंदे पानी से त्रस्त उज्जैन! महापौर ने सड़क पर बैठकर प्रशासन को जगाया, महापौर के धरने के बाद शुरू हुआ काम; 1.5 साल से गंदा पानी पी रहे थे लोग
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया: उज्जैन में प्रशासन की लापरवाही का ऐसा मामला सामने आया, जिसने शहरभर में हड़कंप मचा दिया। महापौर मुकेश टटवाल और एमआईसी सदस्यों को अपनी ही पार्टी की सरकार में अधिकारियों की उदासीनता के खिलाफ सड़कों पर बैठना पड़ा। दरअसल, शहर के वार्ड 16 में गंदे पानी की गंभीर समस्या से त्रस्त रहवासियों की शिकायतें डेढ़ साल से अनसुनी की जा रही थीं। टूटी पाइपलाइन से गंदा और दूषित पानी लोगों…
और पढ़े..









