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गंभीर डेम के आसपास के गांव में कम पानी की फसल लेने हेतु जागरूकता अभियान चलाया जायेगा, गेहूं की बजाय सरसो व चने की बुवाई होगी
भीर डेम का पानी पूर्णत: पेयजल के लिये संरक्षित है। इस पानी से आसपास के गांवों में की जाने वाली सिंचाई को रोकने के लिये पेयजल परिरक्षण अधिनियम का उपयोग किया जाता है, किन्तु इसके पहले कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे की पहल पर कृषि विभाग, राजस्व विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र के अधिकारी मिलकर उज्जैन, बड़नगर एवं घट्टिया तहसील के गंभीर डेम के आसपास के गांवों में कम पानी की फसल बोने हेतु जागरूकता अभियान चलायेंगे।
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